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क्षत्रिय सूर्यवंशी कोली समाज ने अपने समाज के इतिहास पर प्रकाश डाला

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 क्षत्रिय सूर्यवंशी कोली समाज ने   अपने समाज के इतिहास पर  प्रकाश डाला  देखें यूट्यूब के इस चैनल पर  राजस्थान में सूर्यवंशी कोली राजपूत इष्ठदेव राजा मांधाता प्रकट उत्सव देवगांव से वीर प्रतापी राजा श्री मांधाता महाराज जी की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम मनाई इसके लिए सूर्यवंशी कोली समाज विकास एवम् सामूहिक विवाह समित भीलवाडा अध्यक्ष श्री राम चंद्र फतेहपुरिया एव समस्त कार्यकारिणी द्वारा *देवगांव आयोजन समिति के समस्त कार्यकारिणी सदस्यों और वहा के समस्त समाज बंधुओ का बहुत-बहुत आभार।* जिनके कारण आज हमे महापुरुषों को जानने का अवसर मिला। इसी के साथ टोंक, टोड़रायसिंह, जुनिया, केकडी, साखना, सूर्यवंशी कोली समाज के ई ष्ठदेव  सूर्यवंशी राजा मान्धाता महाराज भगवान राम के पूर्वज हैं ये राजा मान्धता

कोली क्षत्रिय जाति है हाईकोर्ट ने दिया फैसला कोरी जैसा अनुसूचित दर्जा नही है इस जाति को ?

                       इलाहाबाद हाईकोर्ट  कोली और कोरी दोनो अलग अलग जाति है । कोली क्षत्रिय जाति है। कोरी  कोइरी अलग हैं इनसे। कोलिय या कोली को अनुसूचित जाति का दर्जा नही मिलेगा इस बात को कोर्ट ने भी अपने फैसले में सुना दिया था - इलाहाबाद हाईकोर्ट    ये है वजह देखिए इस लिए समाज अलग अलग श्रेणी में है ? कभी भी समाज को शिक्षा रोजगार की ओर क्यू नही ले गई सरकार क्या था कारण देखे ?   कोली समाज को अलग अलग राज्य में वहा के उस वक्त की तत्कालीन सरकार के शासन काल में अपने  निजी लाभ के लिए  प्राचीन क्षत्रिय कोली वंश का इतिहास को  दुनिया के सामने नही दिखाया गया इतिहास के पन्नो में देखा जाए तो  कोली समाज भारत की एक प्राचीन क्षत्रिय जाति जिसके कई प्रमाण कई वेदों पुराणों शिलालेखो में वर्णित है पर फिर भी इन्हे कमजोर करने के लिए अलग अलग कैटेगरी में बाट दिया गया  । आखिर क्या हुआ? कैसे गया कोली समाज का ये मामला हाईकोर्ट में  और कोर्ट ने क्या फैसला किया देखे ?  इलाहाबाद .. ...