कोली क्षत्रिय जाति है हाईकोर्ट ने दिया फैसला कोरी जैसा अनुसूचित दर्जा नही है इस जाति को ?

                      इलाहाबाद हाईकोर्ट 

कोली और कोरी दोनो अलग अलग जाति है ।
कोली क्षत्रिय जाति है। कोरी  कोइरी अलग हैं इनसे।

कोलिय या कोली को अनुसूचित जाति का दर्जा नही मिलेगा इस बात को कोर्ट ने भी अपने फैसले में सुना दिया था - इलाहाबाद हाईकोर्ट  

 ये है वजह देखिए इस लिए समाज अलग अलग श्रेणी में है ? कभी भी समाज को शिक्षा रोजगार की ओर क्यू नही ले गई सरकार क्या था कारण देखे ? 

कोली समाज को अलग अलग राज्य में वहा के उस वक्त की तत्कालीन सरकार के शासन काल में अपने  निजी लाभ के लिए  प्राचीन क्षत्रिय कोली वंश का इतिहास को  दुनिया के सामने नही दिखाया गया इतिहास के पन्नो में देखा जाए तो  कोली समाज भारत की एक प्राचीन क्षत्रिय जाति जिसके कई प्रमाण कई वेदों पुराणों शिलालेखो में वर्णित है पर फिर भी इन्हे कमजोर करने के लिए अलग अलग कैटेगरी में बाट दिया गया  ।

आखिर क्या हुआ? कैसे गया कोली समाज का ये मामला हाईकोर्ट में  और कोर्ट ने क्या फैसला किया देखे ? 

इलाहाबाद.. कोली और कोरी को एक ही जातियां होने के मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट ने निर्णय दिया है कि कोली को कोरी जाति की तरह अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं हैन्यायालय ने कहा कि किसी भी जाति को एससी/एसटी अथवा ओबीसी जाति में शामिल करने सहित इन जातियों को किसी जाति विशेष से अलग करने का अधिकार कोर्ट को प्राप्त नहीं है।

निर्णय में कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 341 के अंतर्गत राष्‍ट्रपति को किसी जाति को किसी जाति में शामिल करने अथवा किसी जाति से अलग करने का अधिकार है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचुड़ और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की खंडपीठ ने महस्ती अनुसूइया कोरी ग्रामीण जन कल्याण समिति की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका में मांग की गई थी यूपी के कई जिलों में कोली जाति के लोग निवास करते हैं।

इस समिति ने कोली जो कोरी से  अलग जाति है उसे  अनुसूचित जाति का  दर्जा मिले कोरी के साथ शामिल करने की मांग  थी 
महस्ती अनुसूइया कोरी ग्रामीण जन कल्याण समिति। 

याचिका ये लगाई ... कोली और कोरी एक ही जातियां है। वहीं, कोरी को यूपी में एससी का दर्जा प्राप्त है और उन्हें एससी सर्टिफिकेट भी दिया जा रहा है। वहीं, इसी जाति के कोली को राज्‍य में एससी का सर्टिफिकेट नहीं दिया जाना गलत है।

जनहित याचिका में कहा गया था कि कोरी और कोली दोनों एक ही जाति है। ऐसे में दोनों को एससी का यूपी में सर्टिफिकेट दिया जाना चाहिए। यह भी कहा गया था कि यूपी सरकार कोली को एससी का सर्टिफिकेट नहीं दे रही है। ऐसा करने का अधिकार केवल संविधान के अनुच्छेद 341 के अंतर्गत राष्‍ट्रपति को ही है।


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